भारत में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005, हर नागरिक को सरकार से जानकारी मांगने का शक्तिशाली अधिकार देता है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। लेकिन, कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आरटीआई की फीस कितनी है और भुगतान के विभिन्न तरीके क्या हैं?
घबराइए नहीं! आरटीआई आवेदन करना एक सरल प्रक्रिया है, और इसकी फीस भी बहुत मामूली होती है। इस लेख में, हम आपको आरटीआई आवेदन शुल्क, अतिरिक्त जानकारी के लिए लगने वाले शुल्क और भुगतान के सभी उपलब्ध तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के अपने सूचना के अधिकार का प्रयोग कर सकें।
आरटीआई आवेदन की सामान्य फीस कितनी है?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार, केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों (Central Public Authorities) से जानकारी मांगने के लिए आवेदन शुल्क मात्र ₹10 (दस रुपये) है। यह फीस केंद्र सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों पर लागू होती है।
राज्य सरकारों के लिए भी सामान्यतः यह फीस ₹10 ही है, लेकिन कुछ राज्य अपने नियमों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। इसलिए, आवेदन करने से पहले, संबंधित राज्य के नियमों की जाँच करना हमेशा बेहतर होता है।
अतिरिक्त जानकारी के लिए लगने वाला शुल्क
अगर आपको मांगी गई जानकारी की प्रतियां, नमूने, या किसी अन्य प्रारूप में जानकारी चाहिए, तो आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यह शुल्क RTI अधिनियम की धारा 7(5) के तहत निर्धारित है:
- फोटोग्राफी या फोटोकॉपी के लिए: हर पेज के लिए ₹2 (दो रुपये), A4 या A3 आकार के कागज पर।
- बड़े आकार के कागज पर: प्रति पेज वास्तविक लागत।
- नमूने या मॉडल्स के लिए: वास्तविक लागत या मूल्य।
- डिस्केट या फ्लॉपी में जानकारी के लिए: प्रति डिस्केट/फ्लॉपी ₹50 (पचास रुपये)।
- अभिलेखों के निरीक्षण के लिए: पहले घंटे के लिए कोई शुल्क नहीं, उसके बाद हर अतिरिक्त 15 मिनट या उसके भाग के लिए ₹5 (पांच रुपये)।
लोक सूचना अधिकारी (PIO) आपको जानकारी देने से पहले इन अतिरिक्त शुल्कों के बारे में सूचित करेंगे, और आपको भुगतान करने के बाद ही जानकारी मिलेगी।
फीस में छूट: बीपीएल (BPL) कार्डधारक
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, समाज के कमजोर वर्गों का भी ध्यान रखता है। यदि आप गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line – BPL) के परिवार से संबंधित हैं और आपके पास वैध बीपीएल कार्ड है, तो आपको आरटीआई आवेदन के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। बस, अपने आवेदन के साथ अपने बीपीएल कार्ड की एक प्रति संलग्न करें।
आरटीआई फीस भुगतान के विभिन्न तरीके क्या हैं?
आरटीआई फीस का भुगतान करने के कई तरीके हैं, जो ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से उपलब्ध हैं:
1. ऑफलाइन भुगतान के तरीके
यदि आप ऑफलाइन आरटीआई आवेदन कर रहे हैं, तो आप इन तरीकों से फीस जमा कर सकते हैं:
- इंडियन पोस्टल ऑर्डर (IPO): यह आरटीआई फीस भुगतान का सबसे आम और पसंदीदा तरीका है। आप किसी भी डाकघर से ‘इंडियन पोस्टल ऑर्डर’ खरीद सकते हैं। इसे ‘Accounts Officer’ या ‘लोक सूचना अधिकारी’ (PIO) के नाम पर बनवाना होता है, उस सार्वजनिक प्राधिकरण के नाम पर जहां आप आवेदन कर रहे हैं। सुनिश्चित करें कि आप IPO पर सही नाम और पता लिखें।
- डिमांड ड्राफ्ट (Demand Draft – DD) या बैंकर्स चेक: आप किसी भी बैंक से ‘डिमांड ड्राफ्ट’ या ‘बैंकर्स चेक’ बनवा सकते हैं। यह भी ‘Accounts Officer’ या ‘लोक सूचना अधिकारी’ के नाम पर देय होना चाहिए।
- नकदी (Cash): आप सीधे संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के कैश काउंटर पर जाकर नकद भुगतान कर सकते हैं। नकद भुगतान करते समय रसीद लेना न भूलें, क्योंकि यह आपके भुगतान का प्रमाण होगा।
- कोर्ट फीस स्टाम्प (Court Fee Stamp): कुछ राज्यों में (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश आदि), आरटीआई आवेदन शुल्क का भुगतान कोर्ट फीस स्टाम्प के माध्यम से भी किया जा सकता है। आपको स्टाम्प को अपने आवेदन पत्र पर चिपकाना होगा।
2. ऑनलाइन भुगतान के तरीके
केंद्र सरकार के विभागों के लिए आप ऑनलाइन आरटीआई आवेदन करते समय वेबसाइट rtionline.gov.in पर सीधे फीस का भुगतान कर सकते हैं:
- नेट बैंकिंग (Net Banking): आप अपने बैंक के नेट बैंकिंग खाते का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं।
- क्रेडिट/डेबिट कार्ड (Credit/Debit Card): मास्टरकार्ड, वीज़ा या रुपे कार्ड का उपयोग करके भी भुगतान संभव है।
- यूपीआई (UPI): आजकल यूपीआई ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) के माध्यम से भी आसानी से भुगतान किया जा सकता है।
ऑनलाइन भुगतान के बाद आपको एक इलेक्ट्रॉनिक रसीद (e-receipt) मिलेगी, जिसे अपने रिकॉर्ड के लिए सहेज कर रखना बहुत जरूरी है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें जो आपको याद रखनी चाहिए
- सही भुगतान प्राप्तकर्ता: हमेशा सुनिश्चित करें कि आपका भुगतान ‘Accounts Officer’ या ‘लोक सूचना अधिकारी’ (PIO) के नाम पर, उस सार्वजनिक प्राधिकरण के पते पर किया गया है जिससे आप जानकारी मांग रहे हैं।
- भुगतान का प्रमाण: चाहे आप ऑफलाइन भुगतान करें (रसीद, IPO या DD की प्रति) या ऑनलाइन (e-receipt), भुगतान का प्रमाण हमेशा अपने पास रखें। यह भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में काम आएगा।
- समय-सीमा: आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी देने की 30 दिन की समय-सीमा आपके आवेदन और फीस जमा करने की तारीख से शुरू होती है। अगर आप फीस बाद में जमा करते हैं, तो समय-सीमा भुगतान की तारीख से गिनी जाएगी।
- गलत या अपर्याप्त फीस: यदि आपकी फीस गलत या अपर्याप्त पाई जाती है, तो PIO आपको सूचित करेंगे और आपसे सही फीस जमा करने के लिए कहेंगे। ऐसे में, समय-सीमा तब तक आगे नहीं बढ़ेगी जब तक आप सही फीस जमा नहीं कर देते।
निष्कर्ष
आरटीआई आवेदन की फीस एक छोटी सी कीमत है जो आपको पारदर्शिता और जवाबदेही के बड़े अधिकार के बदले चुकानी पड़ती है। भुगतान के कई आसान तरीके उपलब्ध होने से, अब किसी भी नागरिक के लिए जानकारी मांगना और भी सुलभ हो गया है। अपने अधिकारों को जानें और उनका उपयोग करें!
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- Q1: आरटीआई आवेदन की सामान्य फीस कितनी है और इसके क्या नियम हैं?
- A1: केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों के लिए आरटीआई आवेदन की सामान्य फीस ₹10 है। राज्य सरकारों के लिए भी यह आमतौर पर ₹10 होती है, लेकिन कुछ राज्यों में मामूली बदलाव हो सकता है। यह फीस आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत निर्धारित है। बीपीएल (Below Poverty Line) कार्डधारकों को यह फीस नहीं देनी होती है, बशर्ते वे अपने आवेदन के साथ वैध बीपीएल कार्ड की प्रति संलग्न करें।
- Q2: आरटीआई के लिए भुगतान के मुख्य तरीके क्या हैं?
- A2: आरटीआई फीस के भुगतान के लिए कई तरीके उपलब्ध हैं। ऑफलाइन तरीकों में इंडियन पोस्टल ऑर्डर (IPO), डिमांड ड्राफ्ट (DD) या बैंकर्स चेक, नकद भुगतान (कैश काउंटर पर रसीद के साथ) और कुछ राज्यों में कोर्ट फीस स्टाम्प शामिल हैं। ऑनलाइन भुगतान के लिए, केंद्र सरकार के विभाग rtionline.gov.in पोर्टल पर नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार करते हैं।
- Q3: अतिरिक्त जानकारी (जैसे फोटोकॉपी) के लिए क्या शुल्क लगता है?
- A3: यदि आपको मांगी गई जानकारी की फोटोकॉपी, डिस्केट, या नमूने चाहिए, तो अतिरिक्त शुल्क लगता है। उदाहरण के लिए, A4 या A3 आकार के कागज की प्रतिलिपि के लिए प्रति पृष्ठ ₹2 शुल्क लगता है। डिस्केट या फ्लॉपी में जानकारी के लिए ₹50 प्रति डिस्केट/फ्लॉपी शुल्क है, और अभिलेखों के निरीक्षण के लिए पहले घंटे के बाद हर 15 मिनट के लिए ₹5 शुल्क लगता है। यह शुल्क PIO द्वारा जानकारी देने से पहले सूचित किया जाता है।
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